अकाली दल एनडीए से अलग हुई या पंजाब चुनावों के लिए भाजपा से किया समझौता !

एनडीए का सबसे पुराना घटक दल शिरोमणि अकाली दल भाजपा सरकार के खिलाफ विरोध में उतरना सियासी पंडितों को भी समझ नहीं आया.‌ अकाली दल कोटे की हरसिमरत कौर बादल ने गुरुवार को केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया.

सबसे बड़ी बात यह रही कि उनका इस्तीफा केंद्र सरकार की सलाह पर राष्ट्रपति ने आनन-फानन में स्वीकार भी कर लिया.‌ कौर के ‘अचानक दिए गए इस्तीफे’ पर कांग्रेस समेत विपक्षी दलों को गले नहीं उतरा.

ऐसे ही पंजाब की कैप्टन अमरिंदर सरकार ने भी अकाली दल को किसानों के नाम पर सियासत करने के आरोप लगाए हैं. ‘अमरिंदर सिंह ने अकाली दल से पूछा है कि अभी तक पंजाब में किसान सड़कों पर आंदोलन कर रहे थे, तब आप कहां थे’. बता दें कि मोदी सरकार के मानसून सत्र में कृषि संबंधी विधेयकों के लोकसभा में पारित कराने के विरोध में हरसिमरत कौर ने मंत्री पद छोड़ दिया.

‘अकाली दल को हरसिमरत कौर का इस्तीफा दिलाने के पीछे पंजाब में डेढ़ वर्ष बाद यानी 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए सियासी दांव माना जा रहा है’. ‘अकाली दल भाजपा से अलग नहीं हुई है बल्कि पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए दोनों दलों ने समझौता किया है’.

बता दें कि पंजाब में लाखों की संख्या में किसान पिछले कई दिनों से भाजपा सरकार के कृषि विधेयक कानून के विरोध में सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन करने में जुटे हुए हैं.

‘पंजाब में किसानों के बीच अकाली दल की खिसकती जमीन के बीच शिरोमणि अकाली दल के मुखिया सुखबीर सिंह बादल ने हरसिमरत कौर को मोदी कैबिनेट से अलग कर यह बताने का प्रयास किया है कि सबसे बड़े हम ही हैं किसानों के रहनुमा’.

अकाली दल की तरफ से मोदी सरकार में हरसिमरत कौर बादल ही एकमात्र कैबिनेट मंत्री थीं. पंजाब में अकाली दल का राजनीतिक प्रभाव भारतीय जनता पार्टी से ज्यादा है और पंजाब की सियासत किसानों के मुद्दे पर ही सत्ता पर पहुंचने के लिए राजनीतिक दलों में सबसे मुख्य मुद्दा मानी जाती है.‌

यह भी पढ़ें -  संसद का शीतकालीन सत्र आज से, कृषि कानूनों को निरस्त करने के साथ ये विधेयक पेश हो सकते हैं

गुरुवार को जब भाजपा सरकार ने लोकसभा से कृषि विधेयक पारित करवाया तब उसी दौरान लोकसभा में अकाली दल प्रमुख सुखबीर बादल ने कहा कि मोदी सरकार से उनकी पार्टी की मंत्री इस्तीफा दे देंगी.

इसके तुरंत बाद केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री हरसिमरत कौर ने इस्तीफे का एलान कर दिया. ‘कौर के इस्तीफे के बाद भाजपा सरकार ने जैसे पहले ही तैयारी कर रखी हो’. अकाली दल ने मोदी सरकार से बाहर आने का एलान तो कर दिया, लेकिन एनडीए से बाहर निकलने का फैसला पार्टी ने अभी नहीं लिया है.


हरसिमरत कौर इस्तीफे का दांव नहीं चलतीं तो पंजाब में कांग्रेस को हो रहा था फायदा

पंजाब-हरियाणा के किसानों का इस बिल को लेकर केंद्र सरकार के प्रति जबरदस्त आक्रोश बना हुआ है. कृषि विधेयक के खिलाफ पंजाब के किसान सड़क पर हैं. किसान इतने आंदोलित हैं कि उन्होंने चेतावनी दी है कि जो भी सांसद इन बिलों के साथ होगा, उसे राज्य में घुसने नहीं दिया जाएगा.

पंजाब में कांग्रेस इस मुद्दे पर किसानों और किसान संगठनों का सहयोग हासिल करने के मामले में अकाली दल को काफी पीछे छोड़ चुकी है.

यह भी पढ़ें -  Covid19: देश में मिले कोरोना के 8,309 नए मामले, 236 की मौत

केंद्र की भाजपा सरकार के कृषि विधेयकों का अगर अकाली दल विरोध नहीं करती तो जाहिर है कि पंजाब में कांग्रेस की कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार को सबसे ज्यादा फायदा होता ? ‘हरसिमरत के इस्तीफे को अकाली दल की मजबूरी से भी जोड़कर देखा जा रहा है, क्योंकि किसानों से जुड़े बिलों के विरोध के चलते आने वाले चुनावों में किसानों का वोटबैंक सीधे कांग्रेस के खाते में जा सकता था’.

दरअसल, अकाली दल ने यह फैसला ऐसे समय में लिया है, जब पंजाब और हरियाणा के किसानों में कृषि से जुड़े इन विधेयकों के खिलाफ जबरदस्त गुस्सा है. कृषि बिल को लेकर किसान संगठनों के द्वारा कहा जा रहा है कि किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य ही आमदनी का एकमात्र जरिया है, अध्यादेश इसे भी खत्म कर देगा. यहां हम आपको बता दें कि पंजाब में किसान तीन महीने से इन अध्यादेशों का पुरजोर विरोध कर रहे हैं.

कांग्रेस ने अकाली दल और भाजपा से मिलीभगत के आरोप लगाए
कांग्रेस ने हरसिमरत कौर के इस्तीफे के बाद कहा कि यह अकाली दल और भाजपा की मिलीभगत है. कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि अकाली दल को प्रतीकात्मक दिखावे से आगे बढ़कर सच के साथ खड़े होना चाहिए, जब किसान विरोधी अध्यादेश मंत्रिमंडल में पारित हुए तो हरसिमरत ने विरोध क्यों नहीं किया? ‘सुरजेवाला ने कहा कि हरसिमरत पंजाब के किसानों से अगर इतना ही लगाव है तो लोकसभा से इस्तीफा क्यों नहीं देती हैं’.

‘यही नहीं सुरजेवाला ने कहा कि अकाली दल मोदी सरकार से अपना समर्थन वापस क्यों नहीं लेता है’. रणदीप सुरजेवाला ने हरसिमरत कौर के इस्तीफे को ‘नाटक’ करार दिया है.

यह भी पढ़ें -  एक दिसम्बर से होने जा रहे हैं कुछ बदलाव, जानिए क्या पड़ेगा आप पर इसका असर

बता दें कि विरोध के बीच किसानों से जुड़े दो बिल लोकसभा में पास हो गए. कांग्रेस के सदस्यों ने इसका विरोध करते हुए सदन से वॉकआउट कर गए. उसके बाद कांग्रेसियों ने विधेयक के खिलाफ संसद भवन में धरना दिया. कांग्रेस सांसदों का कहना है कि यह काला कानून है.

कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि मोदी सरकार किसान विरोधी सरकार है, समय-समय पर वह ऐसे काले कानून लाकर जनता के पेट पर लात मारती रहती है.

चौधरी ने कहा कि कांग्रेस भाजपा सरकार के इस बिल का विरोध करती रहेगी. उन्होंने कहा कि पूरे देश में किसान सड़कों पर हैं और भाजपा को किसानों की कोई परवाह नहीं.

गौरतलब है कि मोदी सरकार ने जो दो बिल पास किए हैं वे इस प्रकार हैं, कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्द्धन और सुविधा) विधेयक और कृषक (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) कीमत आश्वासन समझौता और कृषि सेवा पर करार विधेयक लोकसभा से पारित करा लिया है, अब इसे राज्यसभा में पास होना बाकी रह गया है.

शंभू नाथ गौतम, वरिष्ठ पत्रकार


Related Articles

Stay Connected

58,944FansLike
3,152FollowersFollow
494SubscribersSubscribe

-- Advertisement --

--Advertisement--
--Advertisement--

Latest Articles

पराग अग्रवाल होंगे ट्विटर के नए सीईओ, जैक डॉर्सी ने दिया इस्तीफा

0
माइक्रो ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ट्विटर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जैक डॉर्सी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय मूल...

उत्तराखंड: सीएम पुष्कर सिंह धामी ने की ‘ओमीक्रोन’पर हाई-लेवल मीटिंग, दिए ये...

0
सोमवार को सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कोविड सैम्पलिंग को बढ़ाने और कान्टैक्ट ट्रेसिंग को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. कोविड के बढ़ते...

Covid19: उत्तराखंड में मिले 8 नए कोरोना संक्रमित, एक मरीज की मौत

0
उत्तराखंड में बीते 24 घंटे में आठ नए कोरोना संक्रमित मिले हैं. वहीं, एक मरीज की मौत हुई है. 18 मरीजों को ठीक होने के बाद घर...

देहरादून: मत्स्य पालन कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना...

0
प्रधानमंत्री मत्स्यसम्पदा योजना एक दिवसीय जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम द्वारा आज 29 नवम्बर को IRDT,ऑडिटोरियम, देहरादून...

पेटीएम पेमेंट्स बैंक ने लॉन्च किया ट्रांजिट कार्ड, जानें कैसे और कहां होगा इस्‍तेमाल

0
देश की सबसे बड़ी ई-वॉलेट कंपनी पेटीएम ने हाल में एक प्रीपेड रुपे कार्ड पेटीएम वॉलेट ट्रांजिट कार्ड पेश किया है. इस कार्ड...

दिल्ली में डेंगू का कहर जारी: अब तक सामने आए 8276 मामले, इस महीने...

0
कोरोना संक्रमण के साथ साथ डेंगू भी खतरे की घंटी बजा रहा है. अगर बात करे दिल्ली की तो इस सीजन में डेंगू के...

उत्तराखंड: देहरादून अनाथालय के नाबालिग के साथ हुआ दुष्कर्म, आरोपी भी नाबालिग

0
राजधानी देहरादून के एक अनाथ आश्रम में एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है. यह अनाथालय खुड़बुड़ा पुलिस चौकी इलाके में...

Kanpur Test-5th Day: जीत के करीब पहुंचकर चूकी टीम इंडिया, न्यूजीलैंड खिलाफ ...

0
टीम इंडिया और न्यूजीलैंड के बीच कानपुर में खेला गया टेस्ट ड्रॉ हो गया है. टीम इंडिया गेंदबाजों ने पांचवें और आखिरी दिन शानदार...

जल्द लगेगा कोरोना टीके का बूस्टर डोज और किशोरों को टीका, कोविड-19 टास्क फोर्स...

0
कोरोना वायरस के नए स्वरूप ओमिक्रॉन ने खतरे की घंटी बजा दी है. इसको ध्यान में रखते हुए कोविड-19 टास्क फोर्स के अध्यक्ष डा....

राज्यसभा के 12 सांसद निलंबित, कांग्रेस के 6, शिवसेना-टीएमसी के 2-2

0
सदन में हंगामे को लेकर राज्यसभा के 12 सांसदों को निलंबित कर दिया गया है. शीतकालीन सत्र के पहले दिन ही इन 12 सांसदों...