सुर सामाज्ञी के जन्मदिवस पर उत्तरांचल टुडे विशेष: सदियों तक लता जी हमारे साथ ऐसे ही मधुर आवाज में गातीं रहें

आज 28 सितंबर है. इस तारीख को देश ही नहीं बल्कि विश्व की सबसे खूबसूरत आवाज की मल्लिका और स्वर कोकिला लता मंगेशकर का जन्मदिन है.

महान गायिका के जन्मदिन पर आइए आज कुछ चर्चा की जाए. लता मंगेशकर सिर्फ आवाज नहीं हैं वो एक एहसास हैं, जिन्हें हर सुनने वाला महसूस करता है.

आम से लेकर खास तक हर कोई उनकी आवाज का कायल है. देश ही नहीं बल्कि विश्व की सबसे मशहूर आवाज और सुर सामाज्ञी लता मंगेशकर का आज 91वां जन्मदिवस है.

बढ़ती आयु के बावजूद भी लता जी सोशल मीडिया पर बहुत सक्रिय रहती हैं.

पिछले दिनों बॉलीवुड और साउथ फिल्मों के दिग्गज गायक एसपी बालासुब्रमण्यम के निधन पर महान गायिका ने उन्हें ट्वीट कर अपनी शोक संवेदना प्रकट कीं.

बालासुब्रमण्यम और लता जी ने एक दूजे के लिए, मैंने प्यार किया और हम आपके हैं कौन समेत कई फिल्मों में साथ गाने गाए.

पिछले वर्ष लता जी की तबीयत खराब होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था. तब देश ही नहीं बल्कि विदेशों के लाखों-करोड़ों प्रशंसकों ने उनकी जल्द स्वस्थ होने की कामना की थी.

आखिरकार प्रशंसकों की दुआ काम आई और लता जी अस्पताल से स्वस्थ होकर घर लौट आईं थीं.

पिछले वर्ष लता जी के जन्मदिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें सीधे फोन कर बधाई और शुभकामनाएं भी दी थी. पीएम मोदी स्वर कोकिला को दीदी कहते हैं.

पांच वर्ष की आयु में ही पिता ने संगीत सिखाना शुरू कर दिया था
भारत रत्न लता मंगेशकर का जन्म 28 सितम्बर 1929 को इंदौर में पंडित दीनानाथ मंगेशकर और शेवंती के घर हुआ.

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लता के पिता मराठी संगीतकार, शास्त्रीय गायक और थिएटर एक्टर थे जबकि मां गुजराती थीं.

बचपन से ही लता को घर में गीत-संगीत और कला का माहौल मिला और वे उसी ओर आकर्षित हुईं.

पांच वर्ष की उम्र से ही लता को उनके पिता संगीत का पाठ पढ़ाने लगे.

1942 में पिता की मौत के बाद लता पर परिवार की जिम्मेदारी आ गई थी. तब लता ने हिंदी-मराठी फिल्मों में अभिनय भी किया.

मराठी फिल्मों में गाना भी शुरू किया. तब से शुरू हुआ सिलसिला कुछ साल पहले तक जारी रहा.

उन्होंने 20 भाषाओं में 30 हजार से ज्यादा गाने गाए हैं. 2001 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया.

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इससे पहले पद्मभूषण (1969), दादा साहब फाल्के पुरस्कार (1989) और पद्म विभूषण (1999) से पुरस्कृत किया गया.

तीन बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और आठ बार फिल्मफेयर पुरस्कार जीता. मध्यप्रदेश सरकार ने लता मंगेशकर के नाम पर पुरस्कार भी स्थापित किया है.

72 वर्षों से लता जी की आवाज देश और दुनिया के कोने-कोने में गूंज रही है
72 वर्षों से लताजी की आवाज देश के कोने-कोने में खनक रही है. देश ही नहीं बल्कि विश्व भर में फैले प्रशंसक गायकी का पर्याय ही लता को मानते हैं.

आज सुर सामाज्ञी के जन्मदिवस पर उनके करोड़ों प्रशंसक ईश्वर से यही कामना कर रहे हैं कि लता जी सदियों तक ऐसे ही मधुर आवाज में गातीं रहें.

इन सात दशक में देश और फिल्म इंडस्ट्रीज ने कई बदलाव देखें. लेकिन लता मंगेशकर की आवाज आज भी वैसे ही है, जैसे उन्होंने 50 के दशक में गायकी शुरू की थी.

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इतने लंबे गायकी के सफर में लता जी ने नरगिस, वैजयंती माला, निरुपा राय, मधुबाला, आशा पारेख, माला सिन्हा, हेमा मालिनी, रेखा से लेकर श्रीदेवी, माधुरी दीक्षित, करीना कपूर तक उन्होंने अपनी आवाज दी. लता मंगेशकर ने एक से बढ़कर एक संगीतकारों के साथ काम किया.

चाहें मास्टर गुलाम हैदर हों या फिर नौशाद, शंकर, जय किशन की जोड़ी हो या फिर मदन मोहन, सलिल चौधरी, लक्ष्मीकांत प्यारे लाल और आरडी वर्मन के साथ उन्होंने खूब गाने गाए.

सुर सामाज्ञी के गले में सरस्वती वास करती हैं
सुर सामाज्ञी लता को लेकर लोग कहते हैं कि उनके गले में सरस्वती का वास है.

उनकी सुर की दीवानगी ऐसी रही कि एक वक्त बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री भी फिल्में साइन इस शर्त पर करती थी कि लता उन्हें आवाज देंगी.

गायकी में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए भारत सरकार ने दादा साहब फाल्के से लेकर भारत रत्न अवार्ड से लता मंगेशकर को नवाजा.

देश की इस सबसे मशहूर आवाज के बारे में जावेद अख्तर ने कहा था, ‘हमारे पास एक चांद है, एक सूरज है और एक लता मंगेशकर हैं.

नौशाद जिनके संगीत पर लता ने ‘मदर इंडिया’, ‘मुगले आजम’ जैसी बहुत फिल्मों में गाने गाए, उन्होंने लता मंगेशकर की तारीफ में लिखा था, “सुनी सबने मोहब्बत की जवां आवाज में तेरी, धड़कता है दिल-ए-हिन्दोस्तां आवाज में तेरी”.

एक वो दौर भी था जब फिल्में चलें या न चलें लता के गानों से मेकर्स अच्छी कमाई कर लेते थे.

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निर्माता ओम प्रकाश मेहरा ने कहा था कि ”मिस मेरी’, ‘गेटवे ऑफ इंडिया’ से लेकर ‘जहांआरा’ तक की फिल्मों के प्रोडक्शन में से जितने पैसे नहीं मिले, उसे ज्यादा पैसे इन फिल्मों में लता जी के गाए गीतों की रॉयल्टी से मिले.

ओमप्रकाश मेहरा ने लता मंगेशकर की लंबी उम्र को लेकर एक बार ये भी कहा था, हे ईश्वर दुनिया में जितने लोग हैं उनकी ज़िंदगी से तू एक सेकेंड कम कर दे और लता जी की जिंदगी में जोड़ दे.

लता जी के गाए प्रसिद्ध सुपरहिट गाने जो आज भी लोग नहीं भूल पाए हैं
हवा में उड़ता जाए (बरसात) आएगा आएगा आएगा आने वाला (महल) घरा आया मेरा परदेसी (आवारा) तुम न जाने किस जहां में (सजा) ये जिंदगी उसी की है (अनारकली)

मन डोले मेरा तन डोले (नागिन) मोहे भूल गए सांवरिया (बैजू बावरा) यूं हसरतों के दाग (अदालत) जाएं तो जाएं कहां (टैक्सी ड्राइवर)

प्यार हुआ इकरार हुआ (श्री 420) ऐ मालिक तेरे बंदे हम (दो आंखें बारह हाथ) आ लौट के आजा मेरे गीत (रानी रूपमती)

प्यार किया तो डरना क्या (मुगल ए आजम) ओ बसंती पवन पागल (जिस देश में गंगा बहती है) ज्योति कलश छलके (भाभी की चूड़ियां)

पंख होती तो उड़ आती रे (सेहरा) यह ऐस गीत रहे जो लता जी के सबसे सुपरहिट माने जाते हैं.

आज लता मंगेशकर के 91वें जन्मदिवस पर हम सभी उनकी लंबी आयु की कामना करते हैं कि वह सदियों तक ऐसे ही मधुर आवाज में गातीं रहें.

शंभू नाथ गौतम, वरिष्ठ पत्रकार

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