विरोध प्रदर्शनों के लिए शाहीन बाग जैसे सार्वजनिक स्थलों पर कब्जा स्वीकार्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली| शाहीन बाग जैसे धरनों को ध्यान में रखते हुए शीर्ष अदालत ने अपने फैसले में बुधवार को कहा कि किसी निर्धारित जगह पर धरना-प्रदर्शन किया जा सकता है.

कोर्ट ने कहा कि लोगों को असहमति रखने और प्रदर्शन करने का अधिकार है लेकिन इस तरह के धरना-प्रदर्शन से किसी को परेशानी नहीं होनी चाहिए.

न्यायमूर्ति एस के कौल की अगुवाई वाली पीठ ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर अनिश्चितकाल तक कब्जा नहीं किया जा सकता, जैसा कि शाहीन बाग में विरोध प्रदर्शन के दौरान हुआ.

इस मामले की पिछली सुनवाई गत 21 सितंबर को हुई थी
पिछली सुनवाई में जस्टिस एसके कौल, जस्टिस अनिरूद्ध बोस एवं जस्टिस कृष्ण मुरारी की पीठ ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था उस समय पीठ ने कहा, ‘हमें सड़क को बाधिक करने और प्रदर्शन के अधिकार के बीच एक संतुलन लाना होगा.

यह भी पढ़ें -  हॉकी लीजेंड चरणजीत सिंह का निधन, 1964 टोक्यो ओलंपिक में जीता था स्वर्ण पदक

एक संसदीय लोकतंत्र में धरना एवं प्रदर्शन संसद एवं सड़क पर हो सकते हैं लेकिन सड़क पर यह शांतिपूर्ण होना चाहिए.’

यहां का विरोध प्रदर्शन देश भर में सीएए की खिलाफत का एक प्रतीक बना. इसी की तर्ज पर देश भर में अलग-अलग जगहों पर धरने आयोजित किए गए.

शाहीन बाग में धरने का नेतृत्व मुस्लिम समाज की महिलाओं ने किया. धरने में शामिल लोग सरकार से सीएए को वापस लेने की मांग कर रहे थे.

सीएए को लेकर थी ये आशंका
मुस्लिम समाज को आशंका है कि सीएए कानूनों के बाद सरकार देश में एनआरसी की प्रक्रिया शुरू कर सकती है और उनसे अपनी नागरिकता साबित करने के लिए कहा जा सकता है.

यह भी पढ़ें -  महाराष्ट्र: गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई समेत कंपनी के पांच अन्य अधिकारियों के खिलाफ, जानिए पूरा मामला

हालांकि, सरकार ने बार-बार कहा है कि सीएए कानून नागरिकता छीनने के लिए बल्कि नागरिकता देने के लिए लाया गया है. शाहीन बाग का धरना खत्म कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी भी लगाई गई थी.

अर्जी में कहा गया था कि सड़क बाधित होने से लोगों को नोएडा से दिल्ली आने-जाने में असुविधा का सामना करना पड़ता है.

इस मामले का हल निकालने के लिए कोर्ट ने एक समिति बनाई थी जिसने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की. कोरोना संकट की वजह से बाद में लोग धरने से खुद हट गए.

शाहीन बाग को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अहम बिंदु-
विरोध प्रदर्शनों के लिए शाहीन बाग जैसे सार्वजनिक स्थलों पर कब्जा करना स्वीकार्य नहीं है.
शाहीन बाग इलाके से लोगों को हटाने के लिए दिल्ली पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए थी.
प्राधिकारियों को खुद कार्रवाई करनी होगी और वे अदालतों के पीछे छिप नहीं सकते.
सार्वजनिक स्थानों पर अनिश्चितकाल तक कब्जा नहीं किया जा सकता, जैसा कि शाहीन बाग में विरोध प्रदर्शन के दौरान हुआ.
लोकतंत्र और असहमति साथ-साथ चलते हैं.

यह भी पढ़ें -  गोवा चुनाव 2022: बीजेपी ने जारी की उम्मीदवारों की एक और लिस्ट, सभी सीटों पर कैंडिडेट्स तय




Related Articles

Stay Connected

58,944FansLike
3,183FollowersFollow
494SubscribersSubscribe

Latest Articles

69 साल बाद टाटा की हुई एयर इंडिया, आज से यात्रियों को मिलेगी ये...

0
आखिरकार विमानन कंपनी एयर इंडिया अब टाटा समूह के हाथों में चली गई है. टाटा ग्रुप द्वारा विमानन कंपनी एयर इंडिया के टेकओवर...

उत्तराखंड में आप ने 6 प्रत्याशियों की पांचवीं सूची जारी की, अब तक 70...

0
उत्तराखंड में आम आदमी पार्टी ने गुरुवार शाम अपने प्रत्याशियों की पांचवीं लिस्ट भी जारी कर दी है. इस सूची में पार्टी ने 6...

उत्तर प्रदेश चुनाव के लिए बीएसपी ने अपने 53 प्रत्याशियों की चौथी लिस्ट की...

0
यूपी विधानसभा चुनाव के लिए बहुजन समाजवादी पार्टी ने आज अपने उम्मीदवारों की चौथी लिस्ट भी जारी कर दी है. जारी की गई इस...

डीसीजीआई ने दी कोविशील्ड और कोवैक्सीन को बाजार में बिक्री की अनुमति, ये...

0
भारतीय औषधि महानियंत्रक (DCGI) ने कोविड-19 रोधी वैक्सीन कोविशील्ड और कोवैक्सीन को वयस्क आबादी के लिए कुछ शर्तों के साथ नियमित रूप से...

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए सपा ने 56 उम्मीदवारों की तीसरी लिस्ट की...

0
यूपी विधानसभा चुनाव के लिए सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने उम्मीदवारों की तीसरी लिस्ट भी आज जारी कर दी है। सपा...

हॉकी लीजेंड चरणजीत सिंह का निधन, 1964 टोक्यो ओलंपिक में जीता था स्वर्ण पदक

0
भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान चरणजीत सिंह का गुरुवार सुबह पांच बजे निधन हो गया. वे 91 साल के थे. ऊना में उन्होंने...

उत्तराखंड में सियासी भूचाल: धन सिंह नेगी हुए कांग्रेस में शामिल

0
उत्तराखंड भाजपा और कांग्रेस में प्रत्याशियों की सूची जारी होने के बाद सियासी घमासान तेज हो गयी है. गुरुवार को भाजपा के टिहरी और...

पंजाब चुनाव 2022: बीजेपी ने जारी की 27 उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट

0
बीजेपी ने पंजाब के लिए 27 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की. फतेह सिंह बाजवा को बटाला से टिकट, वहीं विजय सांपला फगवाड़ा से लड़ेंगे...

कल उत्तराखंड का दौरा करेंगे अमित शाह, रुद्रप्रयाग में करेंगे डोर-टू-डोर संपर्क

0
उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के नजदीक आते आते भाजपा का प्रचार गरमाने कल केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह उत्तराखंड पहुंचेंगे. बताया जा रहा है कि आगामी 14 फरवरी को होने...

बड़ी राहत: दिल्ली में वीकेंड कर्फ्यू और ऑड-ईवन का नियम खत्म, स्कूल खोलने पर...

0
राजधानी दिल्ली में अब धीरे-धीरे पाबंदियां हटने लगी है. पिछले कुछ दिनों से कोरोना केस भी कम आने लगे हैं. इसी को देखते हुए...
%d bloggers like this: