हम नहीं चाहते और खून बहे; जानें कोर्ट रूम के अंदर CJI और वकीलों के बीच क्या-क्या बहस हुई?

कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर डटे किसानों के मुद्दे और कृषि कानूनों पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट ने कई मसलों पर फटकार लगाई और एक समिति की सुझाव दिया। हालांकि, आज इस मसले पर फिर सुनवाई होगी और उम्मीद की जा रही है कि सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला सुनाएगा।

किसानों के साथ संवेदनशील रुख अपनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उनसे कहा कि बच्चों, महिलाओं और बूढ़ों को घर भेजें। आखिर इतनी ठंड में ये आंदोलन में क्यों हैं? यदि हम कानूनों को स्थगित कर देंगे तो आंदोलन के लिए कुछ नहीं रह जाएगा। तो चलिए पढ़तें है कोर्ट के भीतर चीफ जस्टिस और वकीलों के बीच बातचीत का अंश।

मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बोबडे : मुझे जोखिम लेने दीजिए और कहने दीजिए। मुख्य न्यायाधीश चाहते हैं कि वे (आंदोलनकारी किसान) वापस अपने घर लौटें।

यह भी पढ़ें -  ‘शेरनी’ और ‘सरदार उधम सिंह' ऑस्कर 2022 के लिए हुई नॉमिनेट

हरीश साल्वे : ..लेकिन, कोर्ट को यह ध्यान में रखना चाहिए कि इस तरह से अन्य कानूनों को भी स्टे करने की मांग उठेगी। यदि कोर्ट स्टे कर रहा है तो इनसे आश्वासन लीजिए कि ये कमेटी के साथ प्रावधानवार बहस करने को तैयार हैं।

किसानों के वकील दुष्यंत दवे : इसके लिए उन्हें किसानों से बात करनी होगी, क्योंकि 400 संगठन हैं।

मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बोबडे : समिति में सरकार और देश भर के किसान संगठनों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा। समिति की सलाह होगी तो वह इन कानूनों के अमल पर रोक लगा देगा। किसान इन कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं और वे अपनी आपत्तियां समिति के समक्ष रख सकते हैं। किसान हम पर भरोसा करें या नहीं, हम शीर्ष कोर्ट हैं और हम अपना काम करेंगे।

अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल : सरकार 15 जनवरी को एक और वार्ता करना चाह रही है। कोर्ट कानूनों को स्टे नहीं कर सकता। ये एक अतिवादी कदम होगा।

यह भी पढ़ें -  टीम इंडिया और इंग्लैंड के बीच रद्द टेस्ट मैच का आया नया शेड्यूल, जानें तारीख

मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बोबडे : नहीं, हम और आलोचना नहीं झेल सकते। हम आज ही आदेश पारित करेंगे। हमें नहीं लगता कि आप प्रभावी हो रहे हैं। कानून को स्थगित कर दिया जाए तो बातचीत से कोई रास्ता निकल सकता है। हम ये नहीं समझ पा रहे हैं कि आप समस्या का समाधान है या समस्या हैं।

अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल: वे 26 जनवरी को 2000 ट्रैक्टर की रैली निकालना चाहते हैं।

किसानों के वकील : हम ऐसी कोई रैली नहीं निकाल रहे।

मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बोबडे : यह अच्छी बात है, लेकिन कानून व्यवस्था का मुद्दा पुलिस देखेगी। पर जिस तरह से प्रदर्शन चल रहा है, उसमें कभी भी गड़बड़ हो सकती है। हम नहीं चाहते कि हिंसा हो और खून बहे।

यह भी पढ़ें -  किसान आंदोलन: किसानों ने शुरू किया गाजीपुर बॉर्डर खाली करना, सुप्रीमकोर्ट में सुनवाई का हुआ असर

एस जी तुषार मेहता : कोर्ट ने सरकार के प्रति बहुत सख्त टिप्पणियां की हैं।

मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बोबडे

गौरतलब है कि दिल्ली की सीमाओं पर पिछले करीब सवा महीने से डटे प्रदर्शनकारी किसानों के आंदोलन के परिप्रेक्ष्य में नए कृषि कानूनों और किसानों से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर आज यानी मंगलवार को अपना आदेश सुनाएगा। संभव है कि सुप्रीम कोर्ट सरकार औक किसानों के बीच जारी इस गतिरोध को दूर करने के इरादे से देश के किसी पूर्व प्रधान न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति गठित कर दे।

प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी रामासुब्रमणियन की पीठ ने सोमवार को इस मामले की सुनवाई के दौरान संकेत दिया था कि वह कृषि कानूनों और किसानों के आन्दोलन से संबंधित मुद्दों पर अलग अलग हिस्सों में आदेश पारित कर सकती है।

Related Articles

स्वामी का नाम: प्रदीप चन्द्र पाठक
फ़र्म का नाम: यूटी मीडिया वेंचर्स
पता: HNo - 6 , सर्वोदय कॉलोनी, रनवीर गार्डेन के सामने, धानमिल रोड, हल्द्वानी। पिन: 263139
ईमेल - [email protected]
फोन: 8650000291

Stay Connected

58,944FansLike
3,109FollowersFollow
494SubscribersSubscribe

-- Advertisement --

--Advertisement--
--Advertisement--

Latest Articles

अखिलेश यादव और प्रियंका गांधी की फ्लाइट में कुछ इस प्रकार हुई मुलाकात

0
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव, यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी की आज एक फ्लाइट में अचानक मुलाकात हुई....

सीएम धामी ने की अपने एक माह का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में देने...

0
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने एक माह का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में देने की घोषणा की है. मुख्यमंत्री ने राज्य में अक्तूबर...

…तो इस कारण नरसिम्हा राव सरकार नहीं लाई नेताजी की अस्थियां, हुआ बड़ा खुलासा

0
पीवी नरसिम्हा राव सरकार 1990 के दशक में जापान से नेताजी सुभाष चंद्र बोस की अस्थियां भारत लाने के करीब पहुंच गई थी,...

Covid19: बीते 24 घंटे में उत्तराखंड में मिले  12 नए मामले, एक भी मरीज...

0
उत्तराखंड में अब कोरोना संक्रमण काबू में आ गया है. बीते 24 घंटे में प्रदेश में 12 नए कोरोना संक्रमित मिले हैं. वहीं, एक भी मरीज की मौत...

लौटे गृह राज्य: आलाकमान ने सुनी फरियाद, पंजाब प्रभारी पद से हरीश रावत मुक्त...

0
पंजाब की सियासत में पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और कांग्रेस के नेता नवजोत सिंह सिद्धू के बीच घमासान में फंसे पूर्व मुख्यमंत्री...

टीम इंडिया और इंग्लैंड के बीच रद्द टेस्ट मैच का आया नया शेड्यूल, जानें...

0
टीम इंडिया और इंग्लैंड के बीच रद्द हुए सीरीज के 5वें टेस्ट मैच (IND vs ENG) को अगले साल जुलाई महीने के लिए शेड्यूल...

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की चुनावी प्रतिज्ञा के अनुसार कल से शुरू होगी यूपी...

0
यूपी विधानसभा चुनाव लिए कांग्रेस पार्टी प्रदेश भर में 23 अक्तूबर से प्रतिज्ञा यात्रा निकालेगी. इसके लिए सभी तैयारिया पूरी हो चुकी है. पूरे...

सत्यपाल मलिक ने किया बड़ा खुलासा: “अंबानी से जुड़ी फाइल पास करने के लिए...

0
जम्मू-कश्मीर के पूर्व गवर्नर एवं मौजूदा मेघालय के उप राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने एक बड़ा खुलासा किया है. सत्यपाल मलिक नें दावा किया है...

बिगड़ा बजट: फिलहाल राहत नहीं, अभी पेट्रोल-डीजल के दामों में और हो सकती है...

0
यह भी कहा जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का भाव 90 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है. ऐसे में...

देहरादून: डिफेन्स कॉलोनी में हुआ अनोखी रामलीला का मंचन, बच्चों ने निभाए सभी पात्र

0
उत्तराखंड में बुराई खत्म करने का प्रतीकात्मक पर्व विजय दशमी पर्व धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. राजधानी दून के कई जगहों में दशहरे मेले...