हैलो उत्तराखंड!

आमलकी एकादशी 2021: इस दिन आमलकी एकादशी, जानें शुभ मुहूर्त-पूजा विधि

आमलकी एकादशी या आंवला एकादशी या रंग भरी एकादशी इस बार पच्चीस मार्च गुरुवार को पड रही है. जो द्वादशी युक्त है. पद्मपुराण में आंवला एकादशी के उल्लेख में कहा गया है कि इस व्रत को करने से सैकड़ों तीर्थों के दर्शन के समान पुण्य की प्राप्ति होती है. इस व्रत को करने से भगवान विष्णु के साथ साथ माँ लक्ष्मी की कृपा भी प्राप्त होती है.

इस व्रत में आंवले का विशेष महत्व है. भगवान विष्णु को आंवला अर्पित करना चाहिए. जो लोग व्रत नहीं रख पाते उन है भी आंवले का सेवन करना चाहिए. प्रातः जल्दी उठकर स्नान आदि कर भगवान विष्णु जी की प्रतिमा के सामने हाथ में तिल कुश मुद्रा और गंगाजल लेकर किसी सुयोग्य ब्राह्मण के द्वारा संकल्प लें कि मैं भगवान विष्णु जी की प्रसन्नता एवं मोक्षकी कामना से आंवला एकादशी व्रत रखता हूँ मेरा यह व्रत सफलता पूर्वक पूरा हो.

इसके लिए श्री हरि मुझे अपनी शरण में रखें. मम कायिक वाचिक. मानसिक सांसर्गिक पातको पातकदुरितक्षयपूर्वक श्रूतिस्मृति पुराणोक्त फल प्राप्ते आंवला एकादशी व्रतं करिष्ये. तदुपरांत ब्रहामण पुरोहित जी द्वारा कही हुई कथा श्रवण करें. कथा इस प्रकार है. मांधाता वशिष्ठ संवाद के अनुसार राजा मांधाता वशिष्ठ जी से बोले यदि आप मुझपर कृपा करें तो किसी ऐसे व्रत की कथा कहिए जिससे मेरा कल्याण हो. महर्षि वशिष्ठ बोले हे राजन सब व्रतों से उत्तम और अंत में मोक्ष देने वाले आंवला एकादशी के व्रत का वर्णन करता हूँ. यह एकादशी फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष में होती है.

इस व्रत को करने से समस्त पाप नष्ट हो जातेहैं. इस व्रत का फल एक हजार गौदान के फल के बराबर होता है. अब मैं एक पौराणिक कथा कहता हूँ. आप ध्यान पूर्वक सुनिए. एक वैदिश नाम का नगर था. जिसमें ब्राह्मण क्षत्रिय वैश्व व शूद्र चारों वर्ण आनन्द सहित रहते थे. उस नगर में वेद ध्वनि गूंजा करती थी.

यह भी पढ़ें -  गूगल मैप ने की गड़बड़ी, दूसरी दुल्हन के पास पहुंच गया दूल्हा-जानें फिर क्या हुआ

तथा पापी दुराचारी तथा नास्तिक उस नगर में कोई नहीं था. उस नगर में चैतरथ नाम का चन्द्र वंशी राजा राज्य करते थे वह अत्यंत विद्वान और धार्मिक राजा थे. कोई भी व्यक्ति दरिद्र कंजूस नहीं था. सभी नगर वासी विष्णु भक्त थे. और बाल वृद्ध स्त्री पुरुष एकादशी का व्रत किया करते थे.

एक समय फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की आंवला एकादशी आयी उस दिन राजा प्रजा तथा बाल वृद्ध आदि सबने व्रत किया राजा अपनी प्रजा के साथ मन्दिर में जाकर पूर्ण कुंभ स्थापित करके धूप दीप आदि से स्तुति करने लगे हे धात्री आप व्रहम स्वरूप हो आप व्रहमा जी द्वारा उत्पन्न हुए हैं और समस्त पापों का नाश करने वाले है. आपको नमस्कार है. अब आप मेरा अर्घ्य स्वीकार करो. आपश्रीराम जी द्वारा सम्मानित हो आपकी प्रार्थना करता हूँ.

यह भी पढ़ें -  लुलु ग्रुप के चेयरमैन युसफ अली के हैलीकॉप्टर की एर्नाकुलम में इमरजेंसी लैंडिंग

अत आप मेरे समस्त पापों का नाश कर दो उस मन्दिर में सबने रात्रि जागरण किया. रात्रि के समय वहाँ एक बहेलिया आया. जो अत्यंत पापी और दुराचारी था भूख और प्यास से अत्यंत व्याकुल वह बहेलिया इस जागरण को देखने के लिए मन्दिर के एक कोने में बैठ गया. और विष्णु भगवान तथा एकादशी माहात्म्य की कथा सुनने लगा.

इस प्रकार अन्य मनुष्यों की तरह उसने भी सारी रात जागकर वितादी. प्रातः होते ही सब लोग अपने घर चले गए. बहेलिया भी अपने घर चला गया. घर जाकर उसने भोजन किया कुछ समय बीतने के पश्चात उस बहेलिये की मृत्यु हो गई. मगर उस आंवला एकादशी व्रत तथा जागरण से उसने राजा विदुरथ के घर जन्म लिया. और उसका नाम वसुरथ रखा गया.

युवा होने पर वह चतुरंगिनी सेना के सहित तथा धन धान्य से युक्त हो कर दश हजार ग्रामों का पालन करने लगा. वह तेज में सूर्य के समान क्रान्ति में चन्द्र के समान वीरता में भगवान विष्णु के समान था. वह अत्यंत धार्मिक सत्य वादी कर्म वीर और विष्णु भक्त था. वह प्रजा का समान भाव से आदर करता था. दान देना उसका नित्य कर्तव्य था.

एक दिन राजा शिकार खेलने गया. दैवयोग से वह मार्ग भूल गया. और दिशा ज्ञान न रहने के कारण उसी वन में एक वृक्ष के नीचे सो गया. थोड़ी देर बाद पहाड़ी म्लेच्छ वहाँ पर आगये. राजा को अकेला देखकर मारो मारो शब्द करते हुए राजा की ओर दौडे. म्लेच्छ कहने लगे इसी दुष्ट राजा ने हमारे माता पिता पुत्र पौत्र आदि को मारा है. तथा देश से निकाल दिया है. इसको अवश्य मारना चाहिए. ऐसा कहकर म्लेच्छ उस राजा को मारने दौडे और अनेक प्रकार के शस्त्र उसके ऊपर फैके सब शस्त्र राजा के ऊपर पडते ही नष्ट हो गये. और उसका वार पुष्प के समान होने लगा.

म्लेछों के शस्त्र उल्टा उनही पर प्रहार करने लगे. जिससे वे मूर्छित होने लगे. इसी समय राजा के शरीर से एक दिव्य स्त्री उत्पन्न हुई. वह स्त्री अत्यंत सुंदर होते हुए भी उसकी भृकुटि टेडी थी. उसके आंखों से लाल लाल अग्नि निकल रही थी. जिससे वह कालके समान प्रतीत होती थी. वह स्त्री म्लेच्छ को मारने दौडी थोड़ी देर में सारे म्लेछों को काल के गाल पंहुचा दिया. जब राजा सोकर उठा तो उसने म्लेछों को मरा हुआ देखकर कहा इन शत्रुओं को किसने मारा.

इस वन में मेरा कौन हितैषी रहता है. वह ऐसा विचार कर ही रहा था कि आकाश वाणी हुई हे राजन इस संसार में विष्णु भगवान के अतिरिक्त कौन तेरी सहायता कर सकता है. आकाश वाणी सुनकर राजा अपने राज्य में आ गया. और सुख पूर्वक राज्य करने लगा. महर्षि वशिष्ठ बोले यह आंवला एकादशी व्रत का प्रभाव था. जो मनुष्य इस आंवला एकादशी व्रत को करते हैं. वे प्रत्येक कार्य में सफल होते हैं. और अंत में विष्णु लोक को जाते हैं.

आमलकी एकादशी शुभ मुहूर्त

एकादशी तिथि प्रारंभ- मार्च 24, 2021 बुधवार को सुबह 10:23 बजे
एकादशी तिथि समाप्त- मार्च 25, 2021 गुरुवार को सुबह 09:47 तक
एकादशी व्रत पारण का समय- 26 मार्च, शुक्रवार को सुबह 06:18 बजे से सुबह 08:21 तक

लेखक पंडित प्रकाश जोशी गेठिया नैनीताल

यह भी पढ़ें -  घर के कामों से नहीं मिलती फुरसत तो इस तरह लाएं चेहरे पर चमक
यह भी पढ़ें -  CSK VS DC: मैच भी हारे, अब धोनी पर लगा 12 लाख का भारी जुर्माना

Related Articles

स्वामी का नाम: प्रदीप चन्द्र पाठक
फ़र्म का नाम: यूटी मीडिया वेंचर्स
पता: HNo – 6 , सर्वोदय कॉलोनी, रनवीर गार्डेन के सामने, धानमिल रोड, हल्द्वानी। पिन: 263139
ईमेल – [email protected]
फोन: 8650000291

Stay Connected

58,493FansLike
2,849FollowersFollow
474SubscribersSubscribe

Latest Articles

राशिफल 12-04-2021: सोमवार को कैसा रहेगा सभी राशियों का दिन, जानिए

मेष - भविष्य के प्रति चिंतित रहेंगे. स्वयं पर नियंत्रण रखें. नौकरी में स्थान परिवर्तन संभव. पारिवारिक माहौल सामान्य रहेगा. मित्रों के साथ...

12 अप्रैल 2021 पंचांग: जानें आज का शुभ मुहूर्त, कैलेंडर-व्रत और त्यौहार

आपके लिए आज का दिन शुभ हो. अगर आज के दिन यानी 12 अप्रैल 2021 को कार लेनी हो, स्कूटर लेनी हो, दुकान का...

स्मार्ट सिटी के काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: तीरथ सिंह रावत

रविवार को सीएम तीरथ सिंह रावत ने पलटन बाजार एवं परेड ग्राउण्ड में स्मार्ट सिटी के कार्यों का औचक स्थलीय निरीक्षण किया. पलटन मार्केट...

बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत पहुंचीं कोयंबटूर सद्गुरु के आश्रम में, भगवान शिव भक्ति...

आज बात करेंगे फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत की. अपने बयानों से हमेशा सुर्खियों में रहने वाली अभिनेत्री कंगना इस समय भगवान शिव की भक्ति...

Covid19: उत्तराखंड में 24 घंटे के भीतर मिले 1333 नए संक्रमित, 8 की मौत

उत्तराखंड में रविवार को 24 घंटे के भीतर 1333 नए कोरोना संक्रमित मिले हैं. जबकि आठ कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत हुई है.
यह भी पढ़ें -  देहरादून: सीएस ओमप्रकाश ने सचिवालय में की कोविड-19 की समीक्षा, दिए ये निर्देश
वहीं,...

जब राहुल द्रविड़ ने गुस्से में बैट मारकर तोड़ा कार का शीशा, विराट को...

दिग्गज भारतीय बल्लेबाज राहुल द्रविड़ को बेहद शांत और संयमित क्रिकेटर माना जाता है लेकिन क्या आप यकीन कर पाएंगे कि उन्होंने गुस्से...

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत एम्स से डिस्चार्ज, सोशल मीडिया पर लिखा भावनात्मक पोस्ट

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत कोरोना संक्रमित हो गए थे उनका इलाज दिल्ली एम्स में चल रहा था....

उत्तराखंड: कोविड टीके की नई खेप मिलने से मिली राहत, पहुंचीं 1.38 लाख...

उत्तराखंड को कोविड टीके की नई खेप मिलने से राहत मिल गई है. रविवार को 1.38 लाख कोविशील्ड वैक्सीन की डोज राज्य को मिल गई....

कश्मीर: आर्मी के जवान की हत्‍या का सुरक्षा बलों ने 24 घंटों में लिया...

श्रीनगर| जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में सुरक्षा बलों ने एक मुठभेड़ में तीन आतंकवादियों को मार गिराया. मरने वालों में 14 साल का...

ममता बनर्जी ने कूच बिहार में गोलीबारी की घटना को बताया ‘नरसंहार’ , केंद्र...

सिलीगुड़ी| कूच बिहार में गोलीबारी की घटना को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 'नरसंहार' करार देते हुए रविवार को कहा कि...