ज्येष्ठ अमावस्या: जानिए आखिर क्या है इस दिन का महत्व

आज ज्येष्ठ मास की अमावस्या है.धर्म ग्रंथों के अनुसार, इस दिन पर तीर्थ स्नान, दान और व्रत करने का महत्व बताया गया है. ऐसा करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं. हर तरह के पाप और दोष दूर हो जाते हैं. साथ ही कई गुना पुण्य मिलता है. इस अमावस्या पर भगवान शिव-पार्वती, विष्णुजी और वट वृक्ष की पूजा की परंपरा है.

इसलिए ज्येष्ठ महीने की अमावस्या को पुराणों में बहुत ही खास माना गया है. स्त्रियों द्वारा व्रत रखकर वट वृक्ष की पूजन की परम्परा चली आ रही है. इस दिन की विशेष बात यह है कि स्त्रियाँ कच्चे सूत से यज्ञोपवीत बनाकर हल्दी से रंगकर धारण करती हैं.

इस व्रत में मद्र देश के राजा ‘अश्वपति’ (मद्र, केकय, सिन्धु, गांधार आदि देशों का ही राजा “अश्वपति” हो सकता है ) की पुत्री सावित्री और सत्यवान की कथा कही सुनी जाती है कि किस प्रकार सावित्री ने तीन दिन निराहार रहकर यमराज के पीछे पड़कर अपने हठ और चातुर्य से यमराज की बुद्धि तक को चकरा दिया और चार वर माँगकर सब अभीष्ट प्राप्त कर लिये.

इस कथानक का यम-नचिकेता के आख्यान से भी साम्य है. नचिकेता ( कश्मीरी भाषा के आलोक मे नचिकेता का अर्थ नवीन ध्वज होता है) भी यमराज की प्रतीक्षा में तीन ही दिन निराहार रहे थे.

इस परम्परा मे ऐसा आभास मिलता है कि अमावस्या तिथि युद्ध के लिये प्रशस्त मानी गई है, इस दिन पुरुषों को युद्ध के लिए विदा देते समय किसी वट(अश्वत्थ/ब्रह्म) वृक्ष के नीचे अश्वों सहित एकत्र दल को स्त्रियों द्वारा अपने पतियों का तिलक , पूजन आदि किया जाता रहा है. सूर्योदय कालीन ‘सावित्री’ और ‘वट’ का संगम होने से ही यह “ब्रह्म सावित्री ” व्रत हुआ .

यह भी पढ़ें -  कांग्रेस में सुलह के संकेत : राहुल, गुलाम नबी आजाद एक साथ नजर आए

ग्रीष्म ऋतु को इंग्लिश मे “समर” कहते हैं . युद्धकार्य के लिये उपयुक्त होने से ही कदाचित् युद्ध के लिये समर शब्द व्यवहृत हुआ !

व्रत विधि संक्षेपतः लिखते हैं-
ज्येष्ठ कृष्णा त्रयोदशी को प्रातः स्नानादि के पश्चात्
ममवैधव्यादिसकलदोषपरिहारार्थंसत्यवत्सावित्रीप्रीत्यर्थंचवटसावित्रीव्रतमहं_करिष्ये.’’ कर नाम, गोत्र, वंश आदि के साथ उच्चारण करते हुए. सहित संकल्प कर तीन दिन उपवास करें. अमावस्या को उपवास कर के शुक्ल प्रतिपदा को व्रत समाप्त करें. अमावस्या को वट वृक्ष के समीप बैठ कर बांस के एक पात्र में सप्त धान्य भर कर उसे दो वस्त्रों से ढक दें और दूसरे पात्र में सुवर्ण की ब्रह्म सावित्री तथा सत्य सावित्री की प्रतिमा स्थापित कर के गंधाक्षतादि से पूजन करें. तत्पश्चात् वट वृक्ष को कच्चे सूत से लपेट कर उस वट का यथाविधि पूजन कर के परिक्रमा करें. पुनः

यह भी पढ़ें -  JEE Advanced Result 2021: जेईई एडवांस का रिजल्ट घोषित, मृदुल अग्रवाल ने किया टॉप

अवैधव्यंचसौभाग्यंदेहित्वंममसुव्रते.
पुत्रान्पौत्रांश्चसौख्यंचगृहाणाघ्र्यंनमोऽस्तुते..
इस श्लोक को पढ़ कर सावित्री को अघ्र्य दें और वटसिञ्चामितेमूलं_सलिलैरमृतोपमैः.
यथाशाखाप्रशाखाभिर्वृद्धोऽसित्वंमहीतले.
तथापुत्रैश्चपौत्रैश्चसम्पन्नंकुरुमांसदा..
इस श्लोक को पढ़ कर वट वृक्ष से प्रार्थना करें. देश-देशांतर में मत-मतांतर से पूजा पद्धति में विभिन्नता हो सकती है. परंतु भाव सबका एक ही रहता है, जो यमराज द्वारा सावित्री को प्रदत्त वरदान या आशीर्वाद है. इसमें भैंसे पर सवार यमराज की मूर्ति बना कर भी पूजा का विधान है. सावित्री कथा का भी श्रवण करें.
आज की अमावस्या वट-सावित्री व्रत से जानी जाती है. यम के साथ नचिकेता ने संवाद किया, सावित्री ने किया. यम-सावित्री संवाद से.
प्राहु: साप्तपदं मैत्रं … मित्रतां च पुरस्कृत्य.

यह भी पढ़ें -  JEE Advanced Result 2021: जेईई एडवांस का रिजल्ट घोषित, मृदुल अग्रवाल ने किया टॉप

[सात पग साथ चलने से मैत्री हो जाती है. मुझे मित्रता का पुरस्कार दीजिये यमदेव!]
विज्ञानतो धर्ममुदाहरंति … संतो धर्ममाहु प्रधानं
[विवेक विचार से ही धर्मप्राप्ति होती है. संत धर्म को ही प्रधान बताते हैं]
प्रश्न यह नहीं है कि सावित्री कितनी प्रासंगिक है या कितनी हानिकारक है. प्रश्न यह भी नहीं है कि वह आज के मानकों पर खरी उतरती है या नहीं. प्रश्न यह है कि आप अपनी समस्त प्रगतिशीलता और बौद्धिक प्रखरता के होते हुये भी उसके समान आदर्श गढ़ नहीं सके! यथार्थ अलग हो सकते हैं, होते ही हैं किंतु किसी समाज की गुणवत्ता उसके आदर्शों की भव्यता और दीर्घजीविता से भी आँकी जाती है. आप ‘फेल’ हुये हैं! आप का सारा जोर ऐसे प्राणहीन जल की प्राप्ति की ओर है जिसका स्रोत कृत्रिम है और जिसमें मछलियों के जीवित रहने की बात तो छोड़ ही दीजिये, वे हो ही नहीं सकतीं.
एकस्य धर्मेण सतां मतेन, सर्वे स्म तं मार्गमनुप्रपन्ना:, मा वै द्वितीयं मा तृतीयं च
(सतमत है कि एक धर्म के पालन से ही सभी उस विज्ञान मार्ग पर पहुँच जाते हैं जो कि सबका लक्ष्य है,
मुझे दूसरा तीसरा नहीं चाहिये)
यम सावित्री की वाणी की प्रशंसा करते हैं – स्वराक्षरव्यंजनहेतुयुक्तया [स्वर, अक्षर, व्यंजन और युक्तियुक्त – वाणी तो सबकी ऐसी होती है, इसमें अद्भुत क्या है? अद्भुत यह है कि मर्त्यवाणी देवसंवाद करती है. अक्षर माने जिसका क्षरण न हो. जिससे मृत्यु भागे, अमरत्त्व की प्राप्ति हो. अमृतस्य पुत्रा: की अनुभूति का स्तर है वह]
सतां सकृत्संगतभिप्सितं परं , तत: परं मित्रमिति प्रचक्षते .
न चाफलं सत्पुरुषेण संगतं, ततं सता: सन्निवसेत् समागमे॥
[सज्जनों की संगति परम अभिप्सित होती है, उनसे मित्रता उससे भी बढ़ कर. उनका साथ कभी निष्फल नहीं होता, इसलिये सज्जनों का साथ नहीं छोड़ना चाहिये]

यह भी पढ़ें -  विजयदशमी विशेष: बुराई पर अच्छाई का प्रतीक और शुभ कार्यों के साथ पूजन उत्सव भी है दशहरा पर्व
यह भी पढ़ें -  राशिफल 14-10-2021: शारदीय नवरात्रि के महानवमी के दिन कैसा रहेगा आप का दिन, जानिए

आप तो सज्जन हैं न यमदेव! आप का साथ कैसे छोड़ दूँ?
अद्रोह: सर्वभूतेषु कर्मणा मनसा गिरा
अनुग्रहश्च दानं च सतां धर्म: सनातन:॥
[मनसा, वाचा, कर्मणा सभी प्राणियों से अद्रोह का भाव, अनुग्रह और दान सज्जनों का सनातन धर्म]
आत्मन्यपि विश्वासस्तथा भवति सत्सु य:
न च प्रसाद: सत्पुरुषेषु मोघो न चाप्यर्थो नश्यति नापि मान:
[अपने पर भी उतना विश्वास नहीं होता जितना संतों पर होता है. उनका प्रसाद अमोघ होता है. उनके साथ अर्थ और सम्मान की हानि भी नहीं होती]

संतों की बात करते करते सावित्री उनके लिये आदर्श गढ़ देती है, उनकी कसौटी तय करती है.
महाभारत : वन पर्व

Related Articles

स्वामी का नाम: प्रदीप चन्द्र पाठक
फ़र्म का नाम: यूटी मीडिया वेंचर्स
पता: HNo – 6 , सर्वोदय कॉलोनी, रनवीर गार्डेन के सामने, धानमिल रोड, हल्द्वानी। पिन: 263139
ईमेल – [email protected]
फोन: 8650000291

Stay Connected

58,944FansLike
3,082FollowersFollow
494SubscribersSubscribe

-- Advertisement --

--Advertisement--
--Advertisement--

Latest Articles

सिंघु बॉर्डर पर युवक की हत्या के 15 घंटे बाद निहंग का सरेंडर

सिंघु बॉर्डर पर युवक की हत्या के 15 घंटे बाद एक निहंग ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया है. कुंडली थाने से पुलिस...

वरिष्ठ पत्रकार हरीश कोठारी मुख्यमंत्री धामी के बने मीडिया कोऑर्डिनेटर, शासनादेश जारी

साल 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी टीम में एक और नियुक्ति की. सीनियर रिपोर्टर हरीश...

उत्तराखंड में बीते 24 घंटे में मिले 10 नए कोरोना संक्रमित, एक भी मरीज की मौत...

उत्तराखंड में बीते 24 घंटे में 10 नए कोरोना संक्रमित मिले हैं. वहीं, एक भी मरीज की मौत नहीं हुई है. जबकि पांच मरीजों को ठीक होने...

आईपीएल का फाइनल शुरू, चेन्नई सुपरकिंग और कोलकाता नाइटराइडर्स आमने-सामने

चेन्‍नई सुपरकिंग्‍स और कोलकाता नाइटराइडर्स के बीच आज दुबई इंटरनेशनल स्‍टेडियम में आईपीएल 2021 का फाइनल मुकाबला शुरू हो गया है. सीएसके ने पहले...

छाई रौनक: मैसूर और कुल्लू का दशहरा रहा है आकर्षण का केंद्र, देश-दुनिया से...

देश में दशहरा पर्व की रौनक छाई हुई है. सभी लोग शाम को होने वाले दशहरा उत्सव की तैयारी में जुटे हैं. मैदानों...

हल्द्वानी: हड़ताल के चलते नलकूप बंद, ढाई लाख से ज्यादा आबादी प्रभावित

जल संस्थान संविदा श्रमिक संघ के आह्वान पर आउटसोर्स कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं. जिससे हल्द्वानी में जल संकट पैदा हो गया...

20 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद होंगे बद्रीनाथ के कपाट, विजयदशमी के खास...

15 अक्टूबर विजयदशमी के खास मौके पर श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद होने की तारीख का ऐलान कर दिया गया है. 20 नवंबर...

केंद्रीय कर्मचारियों को इस साल दिवाली से पहले मिल सकती है ये तीन सौगातें,...

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए इस साल दिवाली बेहद खास होने वाला है. इस साल दिवाली से पहले सरकारी कर्मचारियों को तीन सौगातें मिलने...

पुंछ एकाउंटर में घायल दो जवानों ने भी दम तोड़ा, अब तक कुल...

जम्मू-कश्मीर के पुंछ में जारी एकाउंटर में गुरुवार से अब तक कुल चार जवान शहीद हो चुके हैं. घायल हुए दो राइफलमैन भी इलाज...

विजयदशमी विशेष: बुराई पर अच्छाई का प्रतीक और शुभ कार्यों के साथ पूजन उत्सव...

आज देशवासियों में विजय उत्सव के साथ हर्षोल्लास का माहौल है. देश में रौनक छाई है. बाजारों में चहल-पहल है. घरों में सभी छुट्टी...