बीजेपी सांसद वरुण गांधी ने फिर साधा अपनी सरकार पर निशाना, ‘कब तक सब्र करे देश का नौजवान’

बीजेपी के सांसद बीते कुछ समय से लगातार अपनी पार्टी के नेतृत्‍व वाली केंद्र सरकार को कई मसलों पर घेरते आ रहे हैं. किसानों के मसले पर उनके कई बयान सामने आए हैं, जिसके बाद अब उन्‍होंने देशभर में बेरोजगारी और सरकारी नौकरियों में कमी का मसला उठाते हुए सवालिया लहजे में कहा कि देश का नौजवान आखिर कब तक सब्र करे. बीते कुछ समय में आए उनके बयान सरकार की नीतियों के प्रति उनकी नाराजगी को साफ जाहिर करते हैं.

वरुण गांधी ने सरकारी नौकरियों की कमी का मसला गुरुवार को उठाया, जब एक ट्वीट में उन्‍होंने कहा, ‘पहले तो सरकारी नौकरी ही नहीं है, फिर भी कुछ मौका आए तो पेपर लीक हो, परीक्षा दे दी तो सालों साल रिजल्ट नहीं, फिर किसी घोटाले में रद्द हो.

रेलवे ग्रुप डी के सवा करोड़ नौजवान दो साल से परिणामों के इंतज़ार में हैं. सेना में भर्ती का भी वही हाल है. आखिर कब तक सब्र करे भारत का नौजवान?’ उन्‍होंने पेपर लीक मसले को भी उठाया और कहा कि युवाओं को निजी क्षेत्र से जोड़ने का कोई तंत्र नहीं है.

इस संबंध में उन्‍होंने एक बयान भी जारी किया, जिसमें उन्‍होंने कहा कि ग्रामीण भारत में औसत युवाओं के लिए रोजगार के अवसर आम तौर पर सरकारी नौकरियों तक ही सीमित रहते हैं.

यूपी के पीलीभीत से बीजेपी सांसद वरुण गांधी ने कहा, ‘लगभग हर क्षेत्र में पहले के मुकाबले सरकारी नौकरियों की संख्‍या कम है. ऐसे में युवाओं में कुंठा के भाव पैदा हो रहे हैं.

पिछले दो वर्षों में सिर्फ उत्तर प्रदेश में परीक्षा पेपर लीक होने की वजह से 17 परीक्षाएं स्थगित की जा चुकी हैं और अभी तक इसमें शामिल किसी बड़े सिंडिकेट की पहचान नहीं की जा सकी है. युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार से जोड़ने का भी कोई तंत्र नहीं है.’

यहां उल्‍लेखनीय है कि वरुण गांधी तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलनरत किसानों के पक्ष में बोलते रहे हैं. बाद में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि कानूनों को निरस्‍त करने की घोषणा की तो उन्‍होंने न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर आंदोलनरत किसानों के सुर में सुर मिलाते हुए कहा था कि राष्ट्रहित में सरकार को ‘तत्काल’ यह मांग मान लेनी चाहिए. उन्‍होंने लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा ‘टेनी’ के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र भी लिखा था.

Related Articles

Latest Articles

पांचवे चरण के मतदान से पहले चुनाव आयोग ने जब्त किए 8889 करोड़ रुपये

0
लोकसभा चुनाव 2024 के पांचवे चरण का चुनाव में 2 दिन बचे हैं. इस बीच चुनाव आयोग इलेक्शन के दौरान वोटरों को लुभाने के...

स्वाति मालीवाल मामला: बिभव कुमार की याचिका कोर्ट से खारिज, जानें आगे क्या होगा

0
स्वाति मालीवाल मारपीट मामले में लगातार अपडेट सामने आ रहे हैं. शनिवार को इस घटनाक्रम में उस वक्त नया मोड़ आया जब दिल्ली पुलिस...

हल्द्वानी-रामनगर मार्ग पर अज्ञात वाहन और कार की जोरदार भिड़ंत, दो की मौत-तीन घायल

0
हल्द्वानी से बड़े हादसे की खबर सामने आ रही है. शुक्रवार देर रात को हल्द्वानी-रामनगर मार्ग पर अज्ञात वाहन और कार की जोरदार भिड़ंत...

भारतीय टीम टी 20 वर्ल्ड कप के लिए तैयार, टूनामेंट जल्द होगी टीम रवाना

0
आईपीएल 2024 सीजन अब अपने अंतिम चरण में है और अगले रविवार को इसका फाइनल मुकाबला खेला जाएगा। इस मौजूदा सीजन के समाप्त होते...

दिल्ली: स्वाति मालीवाल की मेडिकल रिपोर्ट आई सामने, दाहिने गाल और बाएं पैर पर...

0
दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सांसद स्वाति मालीवाल की मेडिकल रिपोर्ट में उनके बाएं पैर और दाहिने गाल पर चोट के निशान पाए...

हाईकोर्ट शिफ्टिंग को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर साधा निशाना, कुमाऊं-गढ़वाल के बीच दंगल...

0
उत्तराखंड के कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता और पूर्व राज्यमंत्री डॉ. गणेश उपाध्याय ने हाल ही में एक बयान में कहा है कि हाईकोर्ट के मुद्दे...

सीएम धामी ने चारधाम यात्रा को लेकर की बैठक, अधिकारियों को जनता से फीडबैक से दिए...

0
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए चार धाम ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी...

उत्तराखंड में बढ़ती गर्मी के साथ ही बढ़ी बिजली की मांग, मैदानी जिलों में...

0
लगातार बढ़ती गर्मी के साथ-साथ बिजली की मांग ने अब एक रिकॉर्ड 5.5 करोड़ के पार पहुंच गई है। इस मौसम में मैदानी जिलों...

हल्द्वानी: 14 साल बाद 41 पार हुआ पारा, बाजारों में कर्फ्यू जैसे हालात

0
कुमाऊं में इस समय मौसम का अलग-अलग मिजाज देखने को मिल रहा है। पहाड़ी जिलों में हल्की बारिश की फुहारों ने मौसम को सुहावना...

यमनोत्री मार्ग पर कई घोड़ो की मौत, श्रद्धालुओं के साथ साथ बेजुबानों के लिए भी...

0
भडेलीगाड यमुनोत्री वैकल्पिक मार्ग पर एक घोड़े की मौत ने वन विभाग की लचर कार्यप्रणाली को उजागर कर दिया है। इस मार्ग की दुर्दशा...