प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में एक जापानी समाचार पत्र को दिए साक्षात्कार में भारत और चीन के संबंधों में सकारात्मक प्रगति की बात की और दोनों देशों के सहयोग को वैश्विक आर्थिक व्यवस्था को स्थिर करने के लिए आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि भारत और चीन, दो सबसे बड़े देशों के रूप में, यदि अपने द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर, पूर्वानुमेय और सौहार्दपूर्ण बनाए रखें, तो यह क्षेत्रीय और वैश्विक शांति और समृद्धि में योगदान कर सकता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने आगामी शंघाई सहयोग संगठन (SCO) सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीन यात्रा की योजना बनाई है, जहां वे चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष कज़ान में शी जिनपिंग से मुलाकात के बाद से दोनों देशों के संबंधों में स्थिर और सकारात्मक प्रगति हुई है।
अमेरिका द्वारा भारत के निर्यात पर 50% शुल्क लगाने के बाद, भारत ने चीन के साथ अपने संबंधों को पुनः स्थापित करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। हाल ही में, दोनों देशों ने सीमा विवादों पर चर्चा, कैलाश मानसरोवर यात्रा की बहाली और पर्यटक वीज़ा के नवीनीकरण जैसे कदम उठाए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और चीन के बीच मजबूत और स्थिर संबंध वैश्विक शांति और समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण हैं, और दोनों देशों को अपने द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने की दिशा में काम करना चाहिए।