एटीएम हुआ 55 साल का: देश में तीन दशक से रुपए निकालने के लिए लोगों का हमसफर बना एटीएम, साल 1967 में हुई शुरुआत

आज चर्चा एटीएम की करेंगे. रुपए निकालने की एक ऐसी मशीन जो देशवासियों की जिंदगी से भी जुड़ी हुई है. आपको चौराहे पर या किसी विशेष स्थान पर एटीएम लगी हुई दिखाई पड़ जाती होगी. साल 2016 में जब मोदी सरकार ने देश में नोटबंदी की थी तब उस समय एटीएम के बाहर कई महीनों तक पैसे निकालने के लिए लोगों की लंबी-लंबी लाइनें लगी रही. नोटबंदी के दौरान अगर एटीएम नहीं होते तब देशवासियों को अपने ही पैसे निकालने में और अधिक मुश्किलों का सामना करना पड़ता. देश में करीब दो दशक से रुपयों का ट्रांजैक्शन करने के लिए सबसे लोकप्रिय और अच्छा माध्यम एटीएम बना हुआ है. गांव, कस्बों से लेकर छोटे बड़े सभी शहरों में आपको एटीएम मशीनें दिखाई पड़ जाएंगी. हालांकि करीब चार-पांच सालों से गूगल पे, फोन पे, अमेजॉन, व्हाट्सएप, और पेटीएम आदि से देशवासी रुपयों का लेनदेन कर रहे हैं लेकिन एटीएम आज भी रुपए निकालने और जमा करने के लिए लोगों की नंबर वन पसंद बना हुआ है. आज एटीएम 55 साल का हो गया है. आज ही के दिन 27 जून 1967 को उतरी लंदन के इनफिल्ड कस्बे में दुनिया का पहला एटीएम शुरू हुआ था. एटीएम को (ऑटोमेटेड टेलर मशीन) कहा जाता है.

यह भी पढ़ें -  सोशल मीडिया पर छाए रहे योगी, जानें कैसे

आइए जानते हैं एटीएम की शुरुआत दुनिया में किस परिस्थितियों में हुई थी. एटीएम की शुरुआत ब्रिटेन से हुई थी. 27 जून 1967 में आज ही के दिन लंदन में दुनिया की पहले एटीएम की शुरुआत हुई थी. बैंक की लाइन में खड़े रहने से परेशान जॉन शेफर्ड बैरोन ने ये मशीन बनाई थी. इसका आइडिया उन्हें चॉकलेट वेंडिंग मशीन से आया था. पहले उन्होंने 6 अंकों का पिन रखा था, लेकिन पत्नी को याद न रहने की वजह से इसे 4 अंकों का कर दिया. तब एक बार में 10 पाउंड (आज के हिसाब से करीब 1 हजार रुपए) ही निकलते थे. 1977 में सिटी बैंक ने न्यूयॉर्क में एटीएम लगाने के लिए 100 मिलियन डॉलर खर्च किए. सिटी बैंक को भारत में भी एटीएम को बढ़ावा देने का श्रेय जाता है.

यह भी पढ़ें -  हिमाचल प्रदेश: कांग्रेस को लगा बड़ा झटका, पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष पवन काजल भाजपा में शामिल

90 के दशक में भारत में एटीएम लगाने की हुई थी शुरुआत

बता दें कि 90 के दशक में भारत में भी एटीएम लगाने की शुरुआत हो गई थी. साल 1987 में देश का पहला एटीएम शुरू हुआ था. इसे मुंबई में एचएसबीसी बैंक की शाखा ने लगाया था. तब से लेकर अब तक लाखों एटीमएम मशीन दुनिया भर में लग चुकी हैं. जिसका फायदा हर कोई उठा रहा है. बता दें कि एटीएम मशीन का विकास श्रेय जॉन शेफर्ड-बैरोन और उनकी इंजीनियरिंग टीम ने किया था. एक ब्रिटिश प्रिंटिंग कंपनी डे ला रू के लिए काम करते हुए शेफर्ड और उनकी टीम ने ऑटोमेटेड कैश सिस्टम मशीन तैयार की थी. जॉन शेफर्ड बैरोन का जन्म 23 जून 1925 को भारत के शिलॉन्ग में हुआ था और उनका निधन 2010 में स्कॉटलैंड में हुआ. भारत में एटीएम मशीन लगने से पहले लोग बैंक से ही रुपपों का लेनदेन करते थे. एटीएम के बाद देशभर में बैंकों में पैसे निकालने के लिए भीड़ कम होती चली गई. एटीएम मशीन लगने के बाद बैंक में मौजूद कर्मचारियों को भी राहत मिली है. 5 साल पहले नोटबंदी के दौरान एटीएम की उपयोगिता सबसे ज्यादा थी. डिजिटल इंडिया के दौर में भी एटीएम रुपए निकालने के लिए लोगों का मजबूत माध्यम बना हुआ है.

यह भी पढ़ें -  एसबीआई ने ग्राहकों को दिया बड़ा झटका, होम लोन 0.50 फीसदी किया महंगा-अब इतना देना होगा ब्‍याज

–शंभू नाथ गौतम

Related Articles

Stay Connected

58,944FansLike
3,244FollowersFollow
494SubscribersSubscribe

Latest Articles

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की सुरक्षा में हुई चूक पर 3 कमांडो बर्खास्त

0
भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की सुरक्षा में चूक के मामले में गृह मंत्रालय ने एक्शन लेते हुए 3 कमांडो को सर्विस...

बढ़ते कोरोना के मामलों को देख डीजीसीए सख्त, एयरलाइन्स को दिए ये निर्देश

0
देश में बढ़ते कोरोना के मामलों को देखते हुए नागर विमानन महानिदेशालय यानी डीजीसीए सख्त हो गया है. डीजीसीए ने एयलाइन्स को निर्देश दिए...

क्या अब 5 साल तक के बच्चों की भी लेनी होगी ट्रेन टिकट! जानिए...

0
कई लोग ट्रेन से यात्रियों के साथ सफर करते हैं. बच्चों के साथ आरामदायक यात्रा के लिए भारतीय रेलवे कई सुविधाएं प्रदान करती है,...

यूपी: लखनऊ में अनोखी चोरी, कैडबरी के गोदाम में धावा बोलकर चोर 17 लाख...

0
आपने आज तक चोरी की कितनी ही खबरें और कहानियां पढ़ी और सुनी होंगी. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में चोरी की एक...

धामी सरकार ने प्रदेश के तीन वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के विभागों में किया फेरबदल

0
धामी सरकार ने प्रदेश के तीन वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के विभागों के कार्यों में फेरबदल किया है. शासन की ओर से बुधवार को इसके...

घी संक्रांति 2022: उत्तराखंड में हर्षोल्लास के साथ मनाई जा रही है घी संक्रांति,...

0
उत्तराखंड की संस्कृति और विरासत अपने आप में कई ऐसे पर्वों को भी समेटे हुई है, जिनका यहां की संस्कृति में खास महत्व है....

हिमाचल प्रदेश: कांग्रेस को लगा बड़ा झटका, पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष पवन काजल भाजपा में...

0
शिमला| बुधवार को हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष पवन काजल भाजपा में शामिल हो गए हैं. उनके अलावा, कांग्रेस के नालागढ़ से...

बीजेपी ने अपने संसदीय बोर्ड में किया बड़ा बदलाव, नितिन गडकरी- शिवराज सिंह चौहान...

0
2024 आम चुनाव के मद्देनजर बीजेपी ने अपने संसदीय बोर्ड में बड़ा बदलाव किया है. नए संसदीय बोर्ड के ऐलान की खास बात यह...

दिल्ली में रोहिंग्या शरणार्थियों को नहीं मिलेंगे घर, गृह मंत्रालय ने खबरों का किया...

0
राष्ट्रीय राजधानी में रोहिंग्या अवैध विदेशी नागरिकों को घर दिए जाने से संबंधित खबरों का गृह मंत्रालाय ने खंडन कर दिया है. होम मिनिस्ट्री...

38 साल बाद घर पहुंचा शहीद चंद्रशेखर हरबोला का पार्थिव शरीर, हल्द्वानी में आज...

0
हल्द्वानी| सेना के जवान लांस नायक चंद्रशेखर हरबोला का पार्थिव शरीर हल्द्वानी स्थित उनके आवास पर लाया गया है. सेना के जवान, जिला...
%d bloggers like this: