संपादकीय लेख लिख भारत को डरा रहा ‘ड्रैगन’- ‘भारत के पास युद्ध जीतने का कोई मौका नहीं’

भारतीय और चीनी रक्षा मंत्रियों के बीच शुक्रवार की बैठक को एक सकारात्मक कदम करार देते हुए चीनी मीडिया ने शनिवार को कहा कि सीमा युद्ध की स्थिति में भारत के पास जीतने का कोई मौका नहीं होगा. सत्तारूढ़ चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के साथ निकटता से जुड़े ग्लोबल टाइम्स ने शनिवार को संपादकीय में कहा, ‘हम भारतीय पक्ष को याद दिला रहे हैं कि चीन की राष्ट्रीय ताकत, जिसमें उसकी सैन्य ताकत भी शामिल है, भारत की तुलना में अधिक मजबूत है. हालांकि चीन और भारत दोनों महान शक्तियां हैं, मगर जब युद्धक क्षमता की बात आती है, तो भारतीय पक्ष हार जाएगा. यदि एक सीमा युद्ध शुरू होता है, तो भारत के पास जीतने का कोई मौका नहीं होगा.’

संपादकीय में कहा गया है, ‘हमें उम्मीद है कि रक्षा मंत्रियों की बैठक दोनों देशों के नेताओं की बैठक की सर्वसम्मति पर वापस आने के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ होगी. प्रत्येक पक्ष सीमा पर तनाव को कम करने के लिए अपना उचित प्रयास करेगा.’ चीन का मुखपत्र कहलाने वाले ग्लोबल टाइम्स ने शुक्रवार को मॉस्को में रक्षा मंत्रियों की बैठक का समर्थन किया है. हालांकि, वह इस तथ्य की ओर इशारा करता है कि सीमा पर भारतीय नीतियों को राष्ट्रवाद और जनमत (पब्लिक ओपिनियन) द्वारा निर्धारित किया जा रहा है.


ग्लोबल टाइम्स ने कहा कि भारतीय जनमत बहुत गहराई से और व्यापक रूप से सीमा के मुद्दों में शामिल है. भारतीय सैनिकों का स्पष्ट रूप से घरेलू राष्ट्रवाद द्वारा अपहरण कर लिया गया है. इसलिए, चीन और भारत के बीच सीमा विवाद के संयुक्त नियंत्रण के अलावा, भारत को सार्वजनिक राय और राष्ट्रवाद का प्रबंधन भी करना चाहिए. यह उनके देश और अपने लोगों के लिए सबसे अच्छा विकल्प है. अब समस्या यह है कि भारत ने सीमा मुद्दे पर एक आक्रामक रेखा खींची है, जो सीमा पर शांति और स्थिरता को बनाए रखने की चीन की इच्छा को एक कमजोरी के रूप में दशार्ती है.

चीनी अखबार ने अमेरिका की ओर से भारत के प्रति समर्थन जताए जाने पर भी खीझ प्रकट की. इसने कहा, ‘नई दिल्ली के कुछ लोगों का यह भी मानना है कि अमेरिका के चीन के प्रति दमन और भारत के प्रति समर्थन ने भारत की सामरिक ताकत को बढ़ा दिया है.’ चीनी अखबार ने इसे एक गलत अनुमान करार दिया है. चीनी स्टेट काउंसलर और रक्षा मंत्री वेई फेंघे और भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को मॉस्को में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक के दौरान मुलाकात की. हाल के महीनों में सीमाओं पर तनाव बढ़ने के बाद से दोनों देशों के बीच यह सर्वोच्च स्तर की सैन्य बैठक थी. दोनों सेनाएं वर्तमान में पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग त्सो झील के दक्षिणी तट और रेकिन पर्वत र्दे पर आमने-सामने है और जमीन पर स्थिति काफी तनावपूर्ण है.

ग्लोबल टाइम्स ने कहा कि तथ्य यह है कि दो रक्षा मंत्री आमने-सामने बैठे हैं, यह अपने आप में एक सकारात्मक संकेत है और दोनों देशों के लिए अपने सीमा विवादों का प्रबंधन करने और जमीन पर स्थिति को नरम करने के लिए आवश्यक माहौल प्रदान करता है. चीनी अखबार के संपादकीय में कहा गया है, ‘चीनी स्टेट काउंसलर और विदेश मंत्री वेई फेंघे और भारतीय विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर भी 10 सितंबर को मिलने की योजना बना रहे हैं.’ ग्लोबल टाइम्स ने वेई और सिंह के बीच बैठक को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा है कि चीन और भारत का यह मुद्दा एक बैठक में हल नहीं किया जा सकता है, लेकिन दो रक्षा मंत्रियों की भूमिका सीमा पर चल रहे गतिरोध को कम करने में महत्वपूर्ण होगी.

ग्लोबल टाइम्स ने कहा कि चीन और भारत दोनों बड़ी शक्तियां हैं, जो सीमावर्ती क्षेत्रों में सैन्य संघर्ष के के लिए राष्ट्रीय बलों को जुटाने की क्षमता रखते हैं, लेकिन इस समय दोनों पक्षों को शांति बरतने और प्रमुख मुद्दों को स्पष्ट करने की आवश्यकता है.

Related Articles

गुप्तेश्वर पांडेय के वीआरएस पर संजय राउत का बड़ा बयान- ‘महाराष्ट्र पर राजकीय तांडव का बिहार से मिला इनाम’

मुंबई| बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने वीआरएस यानी वॉलंटरी रिटायरमेंट...

जानिए पृथ्वी जैसे बाह्यग्रह का नाम क्यों ‘Pi Earth’ रखा है खगोलविदों ने

खगोलविदों को हमारे सौरमंडल के बाहर कई तरह के बाह्यग्रह ...

टाइम मैग्जीन ने सौ प्रभावशाली लोगों में पीएम मोदी को शामिल कर प्रशंसा भी की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए बुधवार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी सुखद कहा...

बड़ी खबर: भारत की आर्थिक मदद से तिलमिलाया चीन, आने लगी मालदीव की सम्प्रभुता की याद

पड़ोसी देश मालदीव को भारत द्वारा आर्थिक मदद दिए जाने से चीन...

कोरोना की दहशत में शुरू हुआ उत्तराखंड विधानसभा का एक दिन का मानसून सत्र

बुधवार को उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में कोरोना के साए में सभा...

उत्तराखंड सरकार ने पर्यटकों के लिए हटाया कोविड निगेटिव रिपोर्ट और दो दिन ठहरने का प्रतिबंध

सरकार ने बाहरी राज्यों से उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों के लिए कोविड...

Latest Updates

जानिए पृथ्वी जैसे बाह्यग्रह का नाम क्यों ‘Pi Earth’ रखा है खगोलविदों ने

खगोलविदों को हमारे सौरमंडल के बाहर कई तरह के बाह्यग्रह मिलते हैं. कई आकार की तरह खास होते हैं तो...

टाइम मैग्जीन ने सौ प्रभावशाली लोगों में पीएम मोदी को शामिल कर प्रशंसा भी की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए बुधवार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी सुखद कहा जा सकता है. इस बार पीएम मोदी...

बड़ी खबर: भारत की आर्थिक मदद से तिलमिलाया चीन, आने लगी मालदीव की सम्प्रभुता की याद

पड़ोसी देश मालदीव को भारत द्वारा आर्थिक मदद दिए जाने से चीन चिढ़ गया है. चीन का कहना...

अन्य खबरें

गुप्तेश्वर पांडेय के वीआरएस पर संजय राउत का बड़ा बयान- ‘महाराष्ट्र पर राजकीय तांडव का बिहार से मिला इनाम’

मुंबई| बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने वीआरएस यानी वॉलंटरी रिटायरमेंट ले लिया है. अब इस मामले को लेकर सियासी बयानबाजी...

कोरोना से जूझते उत्तराखंड में कांग्रेसी विधायकों ने विधानसभा जाने के लिए ट्रैक्टर पर चढ़कर किया तमाशा

उत्तराखंड में कोरोना वायरस बेकाबू होता जा रहा है, शासन से लेकर प्रशासन और आम लोग तक डरे सहमे हुए हैं.

बसपा संगठन में अहम बदलाव, मुनकाद अली से ली गई उत्तराखंड की जिम्मेदारी वापस

बहुजन समाज पार्टी ने मंडल स्तरीय संगठन में अहम बदलाव कर दिया है. बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने फरमान...

मोदी सरकार के कृषि विधेयक ने शिवराज की बढ़ाई टेंशन, सीएम किसानों की आवभगत में जुटे

केंद्र की भाजपा सरकार ने कृषि विधेयक संसद से पारित कराकर किसानों के साथ मध्य प्रदेश 'शिवराज सिंह चौहान सरकार की भी...

संसद के बाद अब सड़क पर भी भाजपा-विपक्ष में किसानों का नेता बनने की छिड़ी सियासी जंग

कमाल की राजनीति है. कोई भी राजनीतिक दल देश की जनता के सामने अपने आपको सबसे बड़ा हितेषी बताने के लिए तमाम...

उत्तराखंड में बढ़ा ‘आप’ का कुनबा सैकड़ों समर्थकों के साथ जितेंद्र मलिक ने ज्वाइन की पार्टी

उत्तराखंड में साल 2022 का चुनावी रण दिलचस्प होने वाला है. विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी आम आदमी पार्टी हर स्तर...