रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दिसंबर 2025 में भारत का आधिकारिक दौरा करेंगे—इसकी पुष्टि क्रेमलिन ने की है। यह घोषणा ऐसे समय में की गई है जब अमेरिका ने भारत पर रूसी तेल आयात के चलते भारी टैरिफ लागू किया है, और यह दौरा दोनों देशों के गहरे रणनीतिक संबंधों को और सुदृढ़ करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
क्रेमलिन के विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव ने बताया है कि पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बैठक जुलाई में प्रस्तावित नहीं थी, लेकिन चीन में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) सम्मेलन के दौरान दोनों नेता मिलेंगे और इस यात्रा की तैयारियों पर चर्चा करेंगे। यह बैठक दिसंबर यात्रा की रूपरेखा तै करने में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
रूसी राजदूत ने भी पुष्टि की है कि नरेंद्र मोदी और पुतिन वर्ष के अंत तक NDC में बैठक करेंगे, हालांकि तारीख आधिकारिक रूप से अभी तय नहीं हुई है।
इस दौरे का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि यह रूस-भारत संबंधों को एक नई ऊँचाई देने और वैश्विक व्यापार, ऊर्जा व रक्षा सहयोग को मजबूत करने का अवसर है, खासकर अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ के परिप्रेक्ष्य में।