महिलाओं को स्थायी कमीशन देने की प्रक्रिया पर सुप्रीमकोर्ट ने कहा, अपने नियमों की समीक्षा करे सेना

गुरुवार को सेना में स्थायी कमीशन की चाह रखने वाली महिला अधिकारियों के साथ भेदभाव करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने सेना की आलोचना की. सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने कहा कि महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने के लिए सेना ने जो मानक बिंदु तय किए हैं वे ‘मनमाना एवं भेदभाव करने वाले’ हैं.

अदालत ने सेना से अपने ‘एनुवल कॉन्फिडेंशियल रिपोर्ट’ (एसीआर) पर दोबारा विचार करने के लिए कहा है. सुप्रीम कोर्ट ने एसससी के जरिए आने वाली योग्य महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने का निर्देश दिया है. इनमें वे भी महिला अधिकारी शामिल हैं जिन्हें पहले फिटनेस के आधार पर बाहर किया गया है.

बता दें कि शीर्ष अदालत ने अपने फरवरी 2020 के आदेश में एसएससी के जरिए चुनकर आने वाली महिला अधिकारियों को सेना में स्थायी कमीशन देने का फैसला दिया है. करीब 80 महिला अधिकारियों ने यह कहते हुए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था कि उसके आदेश का उल्लंघन हो रहा है. मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि महिलाओं को स्थायी कमीशन देने के लिए सेना ने जो मानदंड तय किए हैं, वे ‘भेदभाव’ करने वाले हैं.

सेना को अपने नियमों की समीक्षा करने के निर्देश
कोर्ट ने मानकों को पूरा करने वाली सभी महिला अधिकारियों को स्थानीय कमीशन देने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि विजिलेंस एवं अनुशासनात्मक रिपोर्ट में खरा उतरने वाली महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने के योग्य समझा जाए.

पुरुषों ने खड़ा किया है सामाजिक ढांचा-कोर्ट
जस्टिस डीआई चंद्रचूड़ ने कहा, ‘हमारे समाज का ढांचा पुरुषों ने पुरुषों के लिए खड़ा किया है. कहीं कहीं यह ढांचा ठीक है लेकिन ज्यादातर यह हमारे पितृसत्तात्मक व्यवस्था को ही प्रदर्शित करता है. समान अधिकारों वाला समाज बनाने के लिए सोच में बदलाव लाने एवं तालमेल बिठाने की जरूरत है.’

‘चैरिटी मांगने नहीं आईं महिला अधिकारी’
सेना की आलोचना करते हुए जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा, ‘यह कहना गलत नहीं होगा कि सेना में महिलाएं सेवा दे रही हैं जबकि वास्तविक तस्वीर कुछ दूसरी है. समानता का कृत्रिम आवरण संविधान में दिए गए सिद्धांतों के सामने सही नहीं ठहरता.’ कोर्ट ने कहा कि महिला अधिकारियों ने स्थायी कमीशन दिलाने की मांग की है. वे चैरिटी अथवा उनका पक्ष लेने के लिए नहीं आई हैं.


Related Articles

Latest Articles

पांचवे चरण के मतदान से पहले चुनाव आयोग ने जब्त किए 8889 करोड़ रुपये

0
लोकसभा चुनाव 2024 के पांचवे चरण का चुनाव में 2 दिन बचे हैं. इस बीच चुनाव आयोग इलेक्शन के दौरान वोटरों को लुभाने के...

स्वाति मालीवाल मामला: बिभव कुमार की याचिका कोर्ट से खारिज, जानें आगे क्या होगा

0
स्वाति मालीवाल मारपीट मामले में लगातार अपडेट सामने आ रहे हैं. शनिवार को इस घटनाक्रम में उस वक्त नया मोड़ आया जब दिल्ली पुलिस...

हल्द्वानी-रामनगर मार्ग पर अज्ञात वाहन और कार की जोरदार भिड़ंत, दो की मौत-तीन घायल

0
हल्द्वानी से बड़े हादसे की खबर सामने आ रही है. शुक्रवार देर रात को हल्द्वानी-रामनगर मार्ग पर अज्ञात वाहन और कार की जोरदार भिड़ंत...

भारतीय टीम टी 20 वर्ल्ड कप के लिए तैयार, टूनामेंट जल्द होगी टीम रवाना

0
आईपीएल 2024 सीजन अब अपने अंतिम चरण में है और अगले रविवार को इसका फाइनल मुकाबला खेला जाएगा। इस मौजूदा सीजन के समाप्त होते...

दिल्ली: स्वाति मालीवाल की मेडिकल रिपोर्ट आई सामने, दाहिने गाल और बाएं पैर पर...

0
दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सांसद स्वाति मालीवाल की मेडिकल रिपोर्ट में उनके बाएं पैर और दाहिने गाल पर चोट के निशान पाए...

हाईकोर्ट शिफ्टिंग को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर साधा निशाना, कुमाऊं-गढ़वाल के बीच दंगल...

0
उत्तराखंड के कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता और पूर्व राज्यमंत्री डॉ. गणेश उपाध्याय ने हाल ही में एक बयान में कहा है कि हाईकोर्ट के मुद्दे...

सीएम धामी ने चारधाम यात्रा को लेकर की बैठक, अधिकारियों को जनता से फीडबैक से दिए...

0
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए चार धाम ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी...

उत्तराखंड में बढ़ती गर्मी के साथ ही बढ़ी बिजली की मांग, मैदानी जिलों में...

0
लगातार बढ़ती गर्मी के साथ-साथ बिजली की मांग ने अब एक रिकॉर्ड 5.5 करोड़ के पार पहुंच गई है। इस मौसम में मैदानी जिलों...

हल्द्वानी: 14 साल बाद 41 पार हुआ पारा, बाजारों में कर्फ्यू जैसे हालात

0
कुमाऊं में इस समय मौसम का अलग-अलग मिजाज देखने को मिल रहा है। पहाड़ी जिलों में हल्की बारिश की फुहारों ने मौसम को सुहावना...

यमनोत्री मार्ग पर कई घोड़ो की मौत, श्रद्धालुओं के साथ साथ बेजुबानों के लिए भी...

0
भडेलीगाड यमुनोत्री वैकल्पिक मार्ग पर एक घोड़े की मौत ने वन विभाग की लचर कार्यप्रणाली को उजागर कर दिया है। इस मार्ग की दुर्दशा...