पंजाब सरकार ने पाकिस्तान से ड्रोन के माध्यम से हो रही तस्करी, विशेषकर नशे की, पर काबू पाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने 9 अगस्त 2025 को तरनतारन जिले में एंटी-ड्रोन सिस्टम का उद्घाटन किया।
यह प्रणाली, जो इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ECIL) से प्राप्त की गई है, तीन वाहन-माउंटेड यूनिट्स के रूप में है। प्रत्येक यूनिट की रेंज 8 किलोमीटर है और यह ड्रोन की पहचान, ट्रैकिंग, जामिंग और नष्ट करने की क्षमता रखती है। इन प्रणालियों की कुल लागत ₹51.4 करोड़ है, जिसमें से तीन यूनिट्स की आपूर्ति हो चुकी है।
यह पहल पंजाब सरकार की “युद्ध नशियों विरुद्ध” (युद्ध नशे के खिलाफ) अभियान का हिस्सा है। मार्च 2025 में नॉशेहरा ढल्ला में इन प्रणालियों का सफल परीक्षण किया गया था।इस कदम से पंजाब की 550 किलोमीटर लंबी पाकिस्तान सीमा पर ड्रोन के माध्यम से होने वाली तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने की उम्मीद है।
पंजाब देश का पहला राज्य बन गया है, जहां एंटी-ड्रोन सिस्टम की तैनाती की गई है, जो राज्य की सुरक्षा को और मजबूत करेगा।इस पहल से न केवल सीमा की सुरक्षा में वृद्धि होगी, बल्कि नशे और हथियारों की तस्करी पर भी प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा।
पंजाब सरकार की यह पहल अन्य राज्यों के लिए भी एक उदाहरण प्रस्तुत करती है कि सीमाई सुरक्षा और तस्करी पर नियंत्रण के लिए आत्मनिर्भरता आवश्यक है।