सोशल मीडिया और राजनीतिक विवादों की बढ़ती गर्मी के बीच भोपाल का एक युवक स्थानीय थाने पहुंचकर पुलिस से रिपोर्ट दर्ज करवा रहा है। युवक का दावा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने का जो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, उसमें दिखाया गया व्यक्ति वह स्वयं नहीं है, बल्कि कोई और व्यक्ति है। यानी यह सब एक व्यवस्थित साजिश का हिस्सा हो सकता है।
इस मामले में, युवक ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर उसे बीजेपी नेता बताया जा रहा है, लेकिन पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया है कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति वही नहीं है जिसे ‘फंसा’ जा रहा है। इससे यह बात और स्पष्ट हुई कि सोशल मीडिया पर तथ्य की पुष्टि न किए जाने से किस तरह शिकायतकर्ता की छवि को प्रभावित किया जा सकता है। यह घटना इस बात को इंगित करती है कि आज के डिजिटल युग में बिना पुष्टि के जानकारी फैलना कितनी तेजी से किसी की प्रतिष्ठा को धूमिल कर सकता है।