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बिहार चुनाव2025: सामने आने लगा ओपिनियन पोल और सर्वे, बीजेपी को बढ़त-जद(यू) को फिर नुकसान

पटना| बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज हो चुकी है. चुनाव आयोग की ओर से जल्द ही बिहार चुनाव की तारीखों की घोषणा की जा सकती है. ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि बिहार में नवंबर के पहले हफ्ते में विधानसभा चुनाव हो सकते हैं. इस बीच बिहार चुनाव परिणाम को लेकर अलग-अलग एजेंसियों के ओपिनियन पोल और सर्वे भी सामने आने लगे हैं. टाइम्स नाउ-जेवीसी के ओपिनियन पोल के अनुसार बिहार में एक बार फिर से एनडीए गठबंधन की सरकार बनती दिख रही है.

दरअसल भारतीय जनता पार्टी, जनता दल (यूनाइटेड) और अन्य दलों के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) एक और कार्यकाल के लिए सत्ता में आ सकते हैं. ओपिनियन पोल के अनुसार एनडीए को पिछले चुनावों की तुलना में बड़ी जीत मिलने का अनुमान लगाया गया है. आगामी बिहार विधानसभा चुनावों के लिए टाइम्स नाउ-जेवीसी जनमत सर्वेक्षण के अनुसार, एनडीए 243 सदस्यीय विधानसभा में 136 सीटें सकती हैं, जबकि राष्ट्रीय जनता दल के नेतृत्व वाला और कांग्रेस व वामपंथी दलों वाला महागठबंधन राज्य में 75 सीटों तक सीमित रह सकता है. इस बीच बता दें, बिहार में सरकार बनाने के लिए बहुमत का आंकड़ा 122 है.

बीजेपी को बढ़त, जद(यू) को फिर नुकसान
टाइम्स नाउ-जेवीसी के ओपिनियन पोल के अनुसार एनडीए के भीतर, भाजपा को आगामी चुनावों में महत्वपूर्ण लाभ मिलने का अनुमान है और उनकी सीटों की संख्या पिछले चुनावों के 74 से बढ़कर 81 हो जाने का अनुमान है. पार्टी को 64 सीटें जीतने की उम्मीद है, जबकि 17 अन्य सीटों पर उसे बढ़त हासिल है. हालांकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जद(यू) की सीटों की संख्या में एक और गिरावट आ सकती है, क्योंकि ओपिनियन पोल में 29 सीटों पर जीत और 2 पर बढ़त का अनुमान लगाया गया है, जिससे उसकी अनुमानित संख्या अधिकतम 31 सीटों तक पहुंच सकती है. बता दें, नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू ने 2020 के चुनावों में 43 सीटें हासिल की थीं, जो उसकी पिछली 71 सीटों की संख्या से 28 कम थी. अगर टाइम्स नाउ-जेवीसी के ओपिनियन पोल के अनुमान सही साबित होते हैं, तो 12 सीटों की और गिरावट के अनुमान के साथ, जद(यू) की स्थिति और भी कमजोर हो सकती है.

आरजेडी को भी लगेगा झटका
ओपिनियन पोल के अनुसार महागठबंधन में, तेजस्वी और लालू प्रसाद यादव की पार्टी राजद 52 सीटें पर विजय हासिल करती दिख रही है, जिसमें 37 सीटों पर जीत और 15 पर बढ़त का अनुमान है. यह 2020 के चुनावों में जीती गई 75 सीटों की तुलना में उसकी सीटों की संख्या में एक बड़ी गिरावट होगी और वह सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरेगी. दूसरी ओर, कांग्रेस की सीटें भी 2020 के चुनावों में मिली 19 सीटों से घटकर 10 (8 सीटों पर जीत और 2 सीटों पर बढ़त) रह सकती हैं. टाइम्स नाउ-जेवीसी पोल के पूर्वानुमानों के अनुसार, वाम दलों और अन्य को सर्वोत्तम स्थिति में कुल मिलाकर 13 सीटें मिलने का अनुमान है.

वहीं एआईएमआईएम को 3 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी 2 सीटों के साथ शुरुआत कर सकती है. बहुजन समाज पार्टी को एक सीट मिलने का अनुमान है, जबकि 26 सीटों पर कड़ा मुकाबला होने की संभावना है.

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