प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 अगस्त से 1 सितंबर 2025 तक चीन के तिआनजिन शहर में होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (SCO) समिट में भाग लेने के लिए चीन यात्रा पर जाएंगे । यह मोदी की 2019 के बाद पहली आधिकारिक यात्रा होगी और 2020 के गलवान घाटी टकराव के बाद चीन जाने का पहला मौका है।
प्रधानमंत्री की यह यात्रा चुनिंदा कूटनीतिक पहल की दिशा में मानी जा रही है, क्योंकि इसमें न सिर्फ क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद रोधी सहयोग, व्यापार और निवेश की संभावनाओं पर चर्चा होगी, बल्कि चीन और भारत के रिश्तों को स्थिर करने की दिशा में भी यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। संभावित तौर पर, पीएम मोदी चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और SCO के अन्य प्रमुख नेताओं से असंगठित वार्ता भी करेंगे।
भारत ने हाल ही में चीनी नागरिकों के लिए पर्यटक वीजा जारी फिर से शुरू किए हैं, जो द्विपक्षीय संबंधों में सुधार का संकेत है। इस दौरे के माध्यम से भारत अपनी बहुपक्षीय कूटनीति को मजबूती देने का प्रयास कर रहा है ।