उत्तराखंड में रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों के कुछ इलाकों में अंधाधुंध मूसलाधार बारिश से बादल फटने के कारण चार लोगों की मौत हो चुकी है और कई अब भी लापता हैं। प्रभावित क्षेत्रों में बचाव-कार्य युद्धस्तर पर जारी है, जहाँ SDRF, NDRF, ITBP, भारतीय सेना सहित स्थानीय आपदा दल शामिल हैं।
उत्तरकाशी जिले की धराली ग्राम पंचायत में आया यह फ्लैश फ्लड इतनी भयानक था कि कई घर, दुकानें और सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं, कई लोग जमीन ‘कहीं गहराई में समा गए’। चार लोगों के शव बरामद किए गए, जबकि 50 से अधिक लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। बचाव एजेंसियां अपनी सीमा से परे जाकर राहत कार्यों में लगी हैं।
इधर हिमाचल प्रदेश भी इस प्राकृतिक विपदा से अछूता नहीं रहा। कुल्लू, शिमला, लाहुल-स्पीती जैसे जिलों में बादल फटने से पुल, सड़कें और बुनियादी ढांचा बुरी तरह प्रभावित हुआ। 300 से ज्यादा सड़क मार्ग बंद हो गए, स्कूल बंद, और कई घरों को क्षति पहुंची।
मौसम विभाग (IMD) ने इन दोनों हिमालयी राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का ऑरेंज–रेड अलर्ट जारी किया है। आपदा प्रबंधन विभाग, राज्य सरकार और राहत एजेंसियाँ सतर्कता और बचाव–कार्य को सबले आगे रखे हैं।